तुम ना मिलती तो प्यार की शुरुआत ना होती। दिल छोड़कर ना जाती तो, आंखो से इतनी बरसात ना होती। उनसे गरीब हम ना होते तो तुम मिलते जरूर, तब बिछड़ने की कोई बात ना होती।
अपने दिल के टुकड़ों को तोड़कर जी रहे हैं, आपकी खुशी के लिए अपने प्यार को छोड़कर जी रहे हैं, जान से भी ज्यादा जरूरत है उसकी फिर भी हम मुंह मोड़कर जी रहे हैं, बात मोहब्बत और इज्जत की है, इसीलिए सिर्फ यादों की चादर ओढ़ कर जी रहे हैं।